पुणे : (COUGH) सर्दी का मौसम आते ही लोगों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं घेर लेती हैं, जिनमें गला बैठने और खांसी (COUGH) प्रमुख हैं। इन समस्याओं का कारण वातावरण में नमी, ठंडी हवाएं और बदलते मौसम के कारण शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में कमी होना है। विशेष रूप से पुणे जैसे शहरों में, जहां सर्दी का असर अधिक होता है, यह समस्याएं आम हो जाती हैं।
गला बैठने की समस्या:
गला बैठने का कारण आमतौर पर वायरल या बैक्टीरियल इन्फेक्शन होते हैं। सर्दी में गला सर्दी, खांसी (COUGH) और खराश का शिकार बन सकता है। ठंडी हवा और बढ़ी हुई नमी गले की मांसपेशियों को प्रभावित करती हैं, जिससे गला सूखने और खराश होने लगती है। इसके परिणामस्वरूप बोलने में परेशानी और गले में जलन की समस्या होती है।
खांसी:
सर्दी के मौसम में खांसी भी एक आम समस्या बन जाती है। यह समस्या वायरस, बैक्टीरिया या एलर्जी के कारण हो सकती है। खांसी के कारण गले की सूजन बढ़ जाती है, जिससे व्यक्ति को सांस लेने में भी कठिनाई हो सकती है। खासकर रात के समय खांसी की समस्या अधिक बढ़ जाती है, जो नींद में विघ्न डालती है।
बचाव के उपाय:
- गरम पानी से गार्गल: गले की खराश को शांत करने के लिए गरम पानी से गार्गल करना लाभकारी हो सकता है।
- हॉट ड्रिंक्स का सेवन: हलका सूप, चाय या तुलसी-आदरक का काढ़ा गले की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है।
- हुमिडिफायर का उपयोग: सर्दी के मौसम में हवा में नमी की कमी हो सकती है, जिससे गला अधिक सूखता है। इस समस्या से बचने के लिए हुमिडिफायर का उपयोग करना अच्छा होता है।
- स्वस्थ आहार: विटामिन C और एंटीऑक्सिडेंट्स से भरपूर आहार जैसे संतरा, नींबू, शिमला मिर्च आदि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाते हैं, जिससे संक्रमण से बचाव होता है।
- खांसी के लिए दवाइयाँ: यदि खांसी बहुत बढ़ जाए तो चिकित्सक की सलाह पर खांसी की दवाइयाँ ली जा सकती हैं।
सर्दी के मौसम में गला बैठने और खांसी की समस्या से बचने के लिए हमें अपने शरीर का खास ध्यान रखना चाहिए। उचित आहार, घरेलू उपचार और समय पर चिकित्सा की मदद से इन समस्याओं से राहत पाई जा सकती है। साथ ही, हमें ठंडी हवा से बचने और गर्म कपड़े पहनने की आदत डालनी चाहिए, ताकि इन मौसमीय समस्याओं से सुरक्षित रह सकें।