पिंपले निलख क्षेत्र में मुला नदी से अवैध रेत खनन: पिंपरी-चिंचवड़ शहर से होकर बहने वाली मुला नदी से लाखों की रेत चोरी हो रही है. प्रतिबंध के बावजूद पिंपले निलख में मुला नदी से कई दिनों से रात में अवैध रेत खनन हो रहा है. वहीं दूसरी ओर समाजसेवियों और नागरिकों की शिकायतों पर प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है. (पिंपले निलख में मुला नदी से अवैध रेत खनन)
Follow the Latest Updates channel on WhatsApp:
https://whatsapp.com/channel/0029Vb2Z6498F2pHMwM9YA1S
नदी सुधार कार्यक्रम की आड़ में रेत खनन
मुला नदी के नदी सुधार परियोजना को दोनों नगर निगम प्रशासन द्वारा चलाया जा रहा है. नदी पुनरुद्धार परियोजना के तहत यह कार्य दो चरणों में किया गया है. इसका पहला चरण पिंपरी-चिंचवड़ मनपा द्वारा पिंपले निलख में नदी तट पर किया जा रहा है. नदी सुधार परियोजना पर काम चल रहा है, लेकिन रेत माफियाओं ने इसका फायदा उठाकर मुला नदी से रेत की तस्करी की है. पिंपले निलख क्षेत्र में मुला नदी से रेत अवैध रूप से निकाली जा रही है और रात में ट्रैक्टरों और हाइवे से ले जाई जा रही है. पिंपरी-चिंचवड़ अपर तहसीलदार और स्थानीय तलाठी द्वारा इस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.
मुला नदी पुणे के उत्तर से उत्तर-पश्चिम की ओर बहती है. यह पिंपरी-चिंचवड़ के रास्ते पुणे शहर में प्रवेश करती है, जो पौड, लवले, नांदे और हिंजेवाड़ी, कास्पटे वस्ती और बालेवाड़ी के उपनगरों से होकर गुजरती है. पुणे की दो प्रमुख नदियां, मुला और मुठा, शहर में संगम ब्रिज के पास मिलती हैं. रांजनगांव में, ये नदियां भीमा नदी में मिल जाती हैं.
मुला नदी में सीवेज, केमिकल युक्त पानी और नाले का पानी मिलने से नदी का प्रदूषण बढ़ गया है. इसलिए, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ मनपा द्वारा संयुक्त रूप से नदी सुधार परियोजना लागू की जा रही है.
पिंपरी-चिंचवड़ मनपा सीमा में मुला नदी तट की लंबाई 14.20 किलोमीटर है. इसी के अनुसार मनपा ने मुला नदी पुनरुद्धार परियोजना का काम शुरू किया है. प्रशासन का दावा है कि मुला नदी तट साफ और सुंदर होना चाहिए, जिससे शहर की हवा साफ रहेगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा. हालांकि, इस काम के दौरान पेड़ों की कटाई और नदी तट में मिट्टी, गंदगी और पत्थर डाले जाने पर पर्यावरणविद नाराजगी जता रहे हैं. इससे भी गंभीर बात यह है कि नदी सुधार परियोजना के काम के दौरान नदी से रेत की तस्करी हो रही है. पिंपले निलख में मुला नदी तट में कई जगहों पर रेत खनन शुरू हो गया है. नदी में जगह-जगह रेत के टीले दिखाई दे रहे हैं. नदी सुधार कार्य के लिए ठेकेदार ने नदी तट पर मिट्टी और पत्थर डालकर सड़क तैयार कर दी है. इसका फायदा कुछ रेत तस्कर उठा रहे हैं. रात के अंधेरे में इस सड़क से ट्रक, हाइवे और ट्रैक्टरों के जरिए रेत को दूसरी जगहों पर पहुंचाया जा रहा है जब कि नदी से रेत खनन या परिवहन के लिए राजस्व विभाग द्वारा कोई अनुमति नहीं दी गई है.
Hinjewadi Bus Fire: “कंपनी ने आरोपी ड्राइवर का एक भी रुपया नहीं रोका”