संसद के शीतकालीन सत्र के 14वें दिन संविधान पर चर्चा हुई, जिसमें कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने केंद्र की एनडीए सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार आलोचनाओं से डरती है और विपक्षी नेताओं को सताती है। प्रियंका गांधी ने इसे अंग्रेजों के दौर से तुलना करते हुए कहा कि जब अंग्रेजों का राज था, तब भी ऐसा डर का माहौल था। उन्होंने आरोप लगाया कि आज के शासक भी भय फैलाते हैं और खुद भय का शिकार हो गए हैं, क्योंकि वे अब जनता से मिलना और आलोचनाएं सुनना भी नहीं चाहते।
प्रियंका ने यह भी कहा कि देश कभी डर से नहीं, बल्कि साहस और संघर्ष से बना है। उन्होंने संविधान को साहस का स्रोत बताया और देश के किसानों, जवानों, मजदूरों और गरीबों की मेहनत को सलाम किया, जिनकी वजह से देश को मजबूती मिली है।
प्रियंका गांधी ने यह भी ज़िक्र किया कि प्रधानमंत्री मोदी सदन में एक दिन के लिए ही दिखाई दिए, और उनका व्यवहार आलोचनाओं से बचने वाला था।