सौरभ राजपूत मर्डर केस: सौरभ मर्डर केस में मुस्कान और साहिल के मोबाइल फोन सबसे अहम सबूत हैं. पुलिस ने उनके मोबाइल लोकेशन का मैप तैयार किया है. लोकेशन से पता चला है कि हत्या वाली रात और दिन साहिल और मुस्कान कहां गए थे. साथ ही, डेटा रिकवर करने के लिए दोनों के मोबाइल फोन को फॉरेंसिक लैब निवाड़ी भेजा गया है. स्नैपचैट पर दोनों की बातचीत को भी केस डायरी का हिस्सा बनाया जाएगा. (सौरभ राजपूत मर्डर केस: मुस्कान और साहिल का मोबाइल डेटा रिकवरी के लिए फॉरेंसिक लैब में जमा)
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दूसरी ओर, सौरभ के परिवार का आरोप है कि मुस्कान और साहिल को जेल में सुविधाएं दी जा रही हैं. मुलईजा बैरक में दोनों की अवधि शुक्रवार को समाप्त होने जा रही है. सौरभ राजपूत के परिजन उन्हें पूर्वांचल की जेल में स्थानांतरित करने की मांग कर रहे हैं.
ब्रह्मपुरी की रहने वाली मुस्कान रस्तोगी उर्फ सोभी ने 2016 में सौरभ से शादी की थी. 2019 में मुस्कान ने बेटी पीहू को जन्म दिया. उसी साल मुस्कान ने अपने सहपाठी साहिल से दोबारा संपर्क में आयी. साहिल से मिलने के बाद मुस्कान और सौरभ के वैवाहिक जीवन में तनाव बढ़ने लगा और आखिरकार तलाक की नौबत आ गई. सौरभ लंदन चला गया, यहां दूसरी ओर मुस्कान और साहिल के बीच रिश्ता और भी गहरा होते चला गया.
सौरभ के लंदन से लौटने के बाद मुस्कान और साहिल ने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी. उन्होंने उसके शव को ड्रम में डालकर सीमेंट से सील कर दिया. पुलिस ने वारदात का पर्दाफाश किया और दोनों संदिग्धों को गिरफ्तार कर लिया. मुलईजा बैरक में शुक्रवार को उनका समय समाप्त होने वाला है, जिसके बाद दोनों को अन्य कैदियों के साथ रखा जाएगा.
सौरभ के परिजनों का दावा है कि पुलिस अभी भी दोनों आरोपियों को सुविधाएं मुहैया करा रही है. दोनों बेहद शातिर अपराधी हैं और नशेड़ी होने का नाटक कर रहे हैं. जेल प्रशासन ने उनकी काउंसलिंग भी नहीं कराई है. परिजनों ने दोनों को अलग-अलग जेल में रखने की मांग की है. एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि मुस्कान और साहिल के मोबाइल फोरेंसिक लैब भेजे गए हैं. उनके फोन से डाटा रिकवर किया जा रहा है. पुलिस को उनके खिलाफ अहम सबूत मिलने की उम्मीद है. सौरभ के परिजनों ने पीहू की कस्टडी की मांग की है. उन्होंने कहा कि उन्हें मुस्कान के परिजनों पर भरोसा नहीं है और वे पीहू को सौरभ की आखिरी याद के तौर पर पालेंगे.
सौरभ की हत्या में इस्तेमाल किए गए दोनों चाकुओं और उस्तरे पर लगे फिंगर प्रिंट का मिलान किया जा रहा है. इसके लिए पुलिस ने मुस्कान और साहिल के फिंगर प्रिंट भी फोरेंसिक लैब भेजे हैं. इससे पहले पुलिस ने दोनों चाकुओं और उस्तरे को लैब भेजा था.
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हालांकि जिले की फोरेंसिक टीम ने चाकू और उस्तरे पर मिले निशानों का मिलान कर लिया है. इसकी लैब रिपोर्ट आना अभी बाकी है. एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने बताया कि पुलिस इस मामले में साक्ष्य जुटा रही है, ताकि जल्द ही कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की जा सके. इसके बाद केस ट्रायल पर चलाया जाएगा.